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‘AAP’ ने बनाया सॉफ़्ट हिंदुत्व और राष्ट्रवाद को सियासी हथियार, क्या यूपी चुनाव में बदलेगी हवा?

'AAP' ने बनाया सॉफ़्ट हिंदुत्व और राष्ट्रवाद को सियासी हथियार

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

उत्तर प्रदेश में जैसे- जैसे विधानसभा चुनावों की तारीख़ नज़दीक आ रही है, सियासी सरगर्मी तेज़ होती जा रही है. तमाम ऐसे दल जो यूपी की जनता के लिए नए हैं, इस बार के विधानसभा चुनाव में उतरने जा रहे हैं. अब इसी सूची में आम आदमी पार्टी भी शामिल हुई है.

मुस्लिम समर्थक छवि का लेबल हटाना चाह रहे केजरीवाल 

बीजेपी की हिंदू वोटरों पर बढ़ती पकड़ को देखते हुए अरविंद केजरीवाल भी यह बात समझ गए हैं कि उन्हें मुस्लिम समर्थक छवि का लेबल खुद पर नहीं लगने देना होगा. इसी का नतीजा है कि उन्होंने सॉफ्ट हिंदुत्व की दिशा में कदम बढ़ा दिया है. बीजेपी से मुकाबले के लिए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी शिवभक्त तो सपा प्रमुख अखिलेश यादव कृष्ण प्रेम के जरिए सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर चलते नजर आ चुके हैं.

कट्टर हिंदुत्व का मुकाबला करने के लिए पकड़ी सॉफ्ट हिंदुत्व की राह

अरविंद केजरीवाल और उनकी टीम देश की राजनीति बदलने के लिए सियासत में आए थे, लेकिन अब उन्होंने बीजेपी के कट्टर हिंदुत्व का मुकाबला करने के लिए सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पकड़ ली है. केजरीवाल भ्रष्टाचार मुक्त और विकास के एजेंडे के दम पर भले ही शीला दीक्षित के नेतृत्व वाली कांग्रेस को मात देने में कामयाब रहे हों, लेकिन जब सामना बीजेपी से हुआ तो उन्होंने अपने एजेंडे में सॉफ्ट हिंदुत्व को शामिल कर लिया और हनुमान भक्त बन गए.

यात्रा की शुरुआत अयोध्या से करने का एलान

‘AAP’ चुनाव तो लड़ती ही थी, पर इस बार यूपी में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है. इसके लिए यूपी भर में तिरंगा यात्रा निकालने का एलान किया था. कल आगरा से ये यात्रा शुरू होनी थी. लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा कारणों के मद्देनजर परमिशन नहीं दी. यात्रा के लिए परमिशन नहीं मिलने पर अब आम आदमी पार्टी ने इस यात्रा की शुरुआत अयोध्या से करने का एलान कर दिया है. वहां पूजा-पाठ करने के बाद यात्रा 14 सितंबर को यात्रा शुरू की जाएगी.  कल आगरा से ये यात्रा शुरू होनी थी. लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा कारणों के मद्देनजर परमिशन नहीं दी. फिर पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि प्रशासन जैसा कुछ नहीं है, बीजेपी जो बोल दे, वो ही प्रशासन कर रहा है. क्यों नहीं, बीजेपी की यात्राएं रोक कर दिखाते.

दिल्ली विस चुनाव में ‘AAP’ को मिल चुका है राजनीतिक लाभ

दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को सॉफ्ट हिंदुत्व का राजनीतिक  लाभ मिल चुका है. केजरीवाल दिल्ली की कुल 70 में 62 सीटें जीतकर सत्ता की हैट्रिक लगाने में कामयाब रहे. दिल्ली में जीत दर्ज करने के बाद आम आदमी पार्टी की नजर राष्ट्रीय पटल पर अपनी छाप छोड़ने की है, जिसके लिए केजरीवाल हनुमान भक्त बने रहने के मूड में हैं और AAP नेताओं ने दिल्ली में सुंदरकांड का पाठ करवाना शुरू कर दिया है. केजरीवाल का यह दांव कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकता है.

दिल्ली विस चुनाव में हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण नहीं कर सकी थी बीजेपी

गौरतलब है कि दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग में हुए विरोध-प्रदर्शन में कहा था कि मैं शाहीन बाग के लोगों के साथ हूं. उनके इस बयान के बाद आम आदमी पार्टी के लोगों को अपनी लाइन बदलनी पड़ी थी. अरविंद केजरीवाल ने शाहीन बाग पर बोलने से अपने नेताओं को मना कर दिया था और पूरे चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने मुस्लिम इलाकों से दूरी बना ली थी. केजरीवाल के इस दांव का ही नतीजा था कि बीजेपी की काफी कोशिशों करने के बाद भी हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण नहीं हो सका और केजरीवाल सत्ता की हैट्रिक लगाने में कामयाब रहे.

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