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Rajya Sabha Election: झारखंड, बिहार समेत 13 राज्यों के 46 उम्मीदवार निर्विरोध  जा रहे राज्यसभा, 3 राज्यों में फंसा है पेंच

46 candidates from 13 states including Jharkhand, Bihar are going to Rajya Sabha unopposed

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया में नामांकन के बाद अपना नामांकन वापस लेने के लिए शुक्रवार का दिन अंतिम दिन है। देश के 15 राज्यों की 57 राज्यसभा सीटों पर चुनाव हो रहा है। अगर कोई भी उम्मीदवार अपना नाम वापस नहीं लेता है यूपी, बिहार, पंजाब सहित 12 राज्यों के 46 उम्मीदवार निर्विरोध राज्यसभा जायेंगे। इन तमाम उम्मीदवारों को शाम तक निर्विरोध विजयी घोषित भी कर दिया जायेगा। वहीं दूसरी तरफ तीन राज्यों- हरियाणा, महाराष्ट्र और राजस्थान में पेंच फंसा हुआ है। इन तीनों राज्यों में भाजपा में कांग्रेस का पेंच फंसा दिया है।

झारखंड और बिहार के उम्मीदवारों की राज्यसभा सीट कन्फर्म

झारखंड से राज्यसभा के दो उम्मीदवार और बिहार से पांच उम्मीदवारों को निर्विरोध राज्यसभा जाना तय है। झारखंड से भाजपा के आदित्य साहू और झामुमो से डॉ महुआ माजी राज्यसभा उम्मीदवार हैं। वहीं बिहार से भाजपा से सतीश चंद्र दुबे और शंभु शरण पटेल, जदयू से खीरू महतो तथा राजद से मीसा भारती और फैयाज अहमद राज्यसभा उम्मीदवार हैं।

उत्तर प्रदेश से 11 उम्मीदवारों की जीत भी कन्फर्म

उत्तर प्रदेश की 11 राज्यसभा सीटों पर बीजेपी के आठ प्रत्याशी मैदान में हैं, वहीं सपा कोटे से तीन उम्मीदवार हैं। बीजेपी से लक्ष्मीकांत बाजपेयी, राधा मोहन दास अग्रवाल सुरेंद्र सिंह नागर, बाबूराम निषाद, दर्शना सिंह, संगीता यादव, मिथिलेश कुमार और के लक्ष्मण को चुनाव मैदान में उतारा है। वहीं सपा के प्रत्याशी जावेद अली खान हैं जबकि वह निर्दलीय कपिल सिब्बल और आरएलडी के प्रमुख जयंत चौधरी को समर्थन दे रही है। इन सभी का राज्यसभा जाना तय है।

छत्तीसगढ़ और पंजाब के उम्मीदवार भी निर्विरोध जा रहे राज्यसभा

छत्तीसगढ़ और पंजाब की दो-दो सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ से कांग्रेस से रंजीता रंजन और राजीव शुक्ला प्रत्याशी हैं, जिनका निर्विरोध चुना जाना तय है। वहीं, पंजाब की दो सीटों पर आप के दो प्रत्याशी पद्मश्री संत बलबीर सिंह सीचेवाल और समाज सेवी पद्मश्री विक्रमजीत साहनी ने नामांकन दाखिल किया है, जिनका भी निर्विरोध चुना जाना तय है।

मध्य प्रदेश, ओडिशा, उत्तराखंड भी निर्विरोध राज्यसभा भेजेंगे उम्मीदवार

ओडिशा की राज्यसभा की चार सीटों बीजेडी से सुलता देव, मानस रंजन मंगराज, डा. सस्मित पात्र और निरंजन बिशी, मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों कांग्रेस से विवेक तन्खा, बीजेपी से सुमित्रा वाल्मीकि और कविता पाटीदार और उत्तराखंड की एक राज्यसभा पर बीजेपी की कल्पना सैनी का निर्विरोध राज्यसभा जाना तय है।

तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु की भी यही कहानी

कर्नाटक की चार सीटों में तीन सीट पर बीजेपी और एक पर कांग्रेस के प्रत्याशी मैदान में हैं। आंध्र प्रदेश की चार सीटों वाईएसआर कांग्रेस के चार प्रत्याशी, तेलंगाना की दो सीटों पर टीआरएस के प्रत्याशी और तमिलनाडु की छह सीटों पर डीएमके के तीन, कांग्रेस के एक और एआईडीएमके के दो सदस्य चुनाव लड़ रहे हैं जिनका राज्यसभा पहुंचना तय है।

इन राज्यों में फंसा हुआ है पेंच

हरियाणा – हरियाणा से दो लोगों को राज्यसभा जाना है, लेकिन यहां तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। बीजेपी से कृष्णलाल पवार और कांग्रेस से अजय माकन के अलावा पूर्व मंत्री विनोद शर्मा के बेटे कार्तिकेय शर्मा निर्दलीय खड़े हैं।  कार्तिकेय शर्मा को बीजेपी की सहयोगी जेजेपी ने समर्थन देने का ऐलान किया है। हरियाणा के राज्यसभा चुनाव का गणित बड़ा दिचलस्प है। विधानसभा में कुल 90 सीटों में 40 भाजपा के पास हैं, जबकि कांग्रेस के 31 सीटें हैं। लेकिन भाजपा को समर्थन दे रहे जेजेपी के 10 विधायकों ने मुकाबले को रोचक बना दिया है। इसके अलावा सात निर्दलीय, इनेलो का एक विधायक तथा एक अन्य विधायक भी राज्य में हैं। माकन का जीतना इस बात पर निर्भर है कि कांग्रेस के सभी 31 विधायक अपने प्रत्याशी की तरफ बने रहें। वरना भाजपा के बचे 9 और जेजेपी के 10 वोट कांग्रेस का खेल बिगाड़ सकते हैं। इसको लेकर कांग्रेस की चिंता बढ़ी हुई है।

राजस्थान – राजस्थान की चार राज्यसभा सीटों पर पांच उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। कांग्रेस की ओर से रणदीप सिंह सुरजेवाला, मुकुल वासनिक और प्रमोद तिवारी और बीजेपी के घनश्याम तिवाड़ी कैंडिडेट हैं। लेकिन इस मुकाबले को निर्दलीय सुभाष चंद्रा रोचक बना रहे हैं, क्योंकि इन्हें बीजेपी का समर्थन मिल रहा है। सुभाष चंद्रा के नहीं खड़ा होने से एक सीट बीजेपी और तीन सीटें कांग्रेस की कन्फर्म थीं, लेकिन इस पांचवें उम्मीदवार से कांग्रेस की दिक्कत बढ़ सकती है।

राजस्थान में 200 विधायक हैं।  राजस्थान का गणित के अनुसार एक राज्यसभा सीट की जीत के लिए 41 वोट चाहिए। बीजेपी के पास फिलहाल 71 विधायक हैं जबकि कांग्रेस पास 109 विधायक हैं। इस तरह बीजेपी के घनश्याम तिवाड़ी की जीत तय है। इसके बाद भाजपा के 30 वोट अतिरिक्त बचते हैं। दूसरी ओर कांग्रेस अपने 109 विधायकों के अलावा 13 निर्दलीय, 2 सीपीएम और दो बीटीपी के विधायक हैं। वहीं, तीन विधायक राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के हैं। कांग्रेस की दो सीटें तो कन्फर्म हैं, जिसके बाद 27 अतरिक्त वोट बचेंगे। यानी कांग्रेस को तीसरी सीट जीतने के लिए 14 वोट चाहिए तो बीजेपी के समर्थन के बाद सुभाष चंद्रा को 11 वोट तलाशना होगा।

महाराष्ट्र – महाराष्ट्र की छह राज्यसभा सीट पर 7 प्रत्याशी चुनावी मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं, इस तरह से यहां छठी सीट पर पेच फंस गया है। बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, अनिल सुखदेवराव बोंडे और धनंजय महादिक को उम्मीदवार बनाया है। शिवसेना से संजय राउत और संजय पवार मैदान में हैं, जबकि एनसीपी से प्रफुल पटेल और कांग्रेस से इमरान प्रतापगढ़ी मैदान में हैं।

विधानसभा के संख्याबल के अनुसार बीजेपी की दो सीटें, एक-एक सीट पर एनसीपी, कांग्रेस, शिवसेना की जीत कन्फर्म है। इस तरह से छठी सीट के लिए बीजेपी और शिवसेना के बीच सियासी घमसान होगा।

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