समाचार प्लस
Breaking देश फीचर्ड न्यूज़ स्लाइडर

Lakhimpur: वे 15 सवाल जिनका मंत्रिपुत्र आशीष मिश्रा ने दिया गोल-गोल जवाब

वे 15 सवाल जिनका मंत्रिपुत्र आशीष मिश्रा ने दिया गोल-गोल जवाब

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

लखीमपुर-खीरी हादसे में एसआईटी के समक्ष केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा के पुत्र आशीष मिश्रा ने गोल-गोल ही जवाब दिया। एसआईटी ने मंत्रिपुत्र से 15 सवाल पूछे थे जिनका वह संतुष्टिजनक जवाब देने में असफल रहा। आशीष का प्रश्नों का जवाब ठीक से नहीं देना भी उसके हक में नहीं गया, क्योंकि उसके उत्तर ही बताने के लिए काफी थे कि दाल में कुछ न कुछ तो काला है, तभी वह प्रश्नों का सही उत्तर देने से परहेज कर रहा था।

एसआईटी द्वारा पूछे गये 15 सवाल
  • सवाल: हिंसा के समय तुम कहां थे?

जवाब: दंगल

  • सवाल: प्रत्यक्षदर्शियों को कहना है कि घटना के वक्त तुम अपनी कार में ही थे। तुम्हारे काफिले में कुल कितनी कारें थीं?

जवाब: मैं दंगल में ही था, लेकिन काफिले में शामिल कारों में कौन कार्यकर्ता थे , मालूम  नहीं।

  • सवाल: तुम्हारे वाहन में और कौन-कौन लोग बैठे हुए थे?

जवाब: चालक हरिओम था। उसके साथ और कौन था, मुझे नहीं मालूम, हम तो दंगल में थे।

  • सवाल: जिस वाहन में तुम थे, वह किसका था?

जवाब:: थार मेरी थी, लेकिन मैं उसमें नहीं था। आप लोग एक ही बात कितनी बार पूछेंगे।

  • सवाल: वाहन में तुम किधर बैठे थे। वाहन को कौन चला रहा था?

जवाब: मुझे नहीं मालूम, मैं नहीं था बस।

  • सवाल: जब तुम्हारा वाहन घटनास्थल पर पहुंचा तो भीड़ कितनी थी?

जवाब: आप लाख बार पूछ लीजिए हम एक ही जवाब देंगे घटनास्थल पर हम मौजूद नहीं थे। वहां क्या हुआ कुछ नहीं पता। जो जानकारी हुई बाद में हुई।

  • सवाल : भीड़ सड़क पर क्या कर रही थी। क्या भीड़ तुम्हारे वाहनों का रास्ता रोक रही थी?

जवाब: पता नहीं।

  • सवाल: जब पहला आदमी वाहन से टकराया तो वाहन रोका क्यों नहीं?

जवाब:  मैं होता तो गाड़ी रोकता। जब था ही नहीं तो कैसे रोकता। चालक ने ऐसा किन परिस्थितियों में किया पता नहीं।

  • सवाल: तुम्हारे पास लाइसेंसी हथियार है या नहीं है। तुम्हारे साथ वाहन में किस-किस के पास लाइसेंसी हथियार थे?

जवाब: नहीं पता।

  • सवाल: फायरिंग की आवाज वाहनों से कैसे आ रही थी?

जवाब: हमको नहीं पता, बार-बार एक ही सवाल क्यों पूछ रहे आप लोग।

  • सवाल: सोशल मीडिया पर कई वीडियो हैं जो घटनास्थल पर तुम्हारी उपस्थिति साबित कर रहे हैं?

जवाब: गलत हैं, मैंने जो वीडियो दिए वो सही हैं। घटना स्थल पर मैं नहीं था।

  • सवाल: अगर यदि घटनास्थल पर नहीं थे तो एफआइआर होने के बाद तुम अंडरग्राउंड क्यों हुए। नोटिस जारी होने के बाद भी पेश क्यों नहीं हुए?

जवाब: मैं दिल्ली में था और मीडिया से भी लगातार बात कर रहा था। पहले नोटिस की जानकारी समय से नहीं हुई। उस समय थोड़ी तबीयत भी ठीक नहीं थी। जानकारी होते ही आज इसलिए समय से पहले पेश हुआ।

  • सवाल: तुम किस आधार पर दावा करते हो कि हिंसा के दौरान तुम घटनास्थल पर नहीं थे?

जवाब: दंगल के कार्यक्रम और गांव के वीडियो फुटेज और गांव वालों के हलफनामा इसके सबूत है। आप लोग इसकी जांच करा सकते हैं।

  • सवाल: तुम घटनास्थल पर न होने के दावे के समर्थन में जो वीडियो दिखा रहे हो, उनकी सत्यता का आधार क्या है?

जवाब: सभी सही हैं। आप फॉरेंसिक जांच करा सकते हैं या फिर भौतिक सत्यापन। जिससे साफ हो जाएगा कि मैं गांव पर था।

  • सवाल: तुम्हारे दावे और उपलब्ध कराए गए साक्ष्य पर पुलिस भरोसा क्यों करे, जब तुमने अब तक कोई सहयोग ही नहीं किया?

जवाब: पुलिस ने जैसे ही बुलाया मैं हाजिर हो गया। इसके साथ ही जब भी मेरे सहयोग की जरूरत पड़ेगी दूंगा। मैं कोई अपराधी नहीं हूं। एक राजनेता का बेटा और मेरा खुद का व्यवसाय है।

बता दें कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की तेज रफ्तार कार ने लखीमपुर में आंदोलनकारी किसानों को रौंद दिया था जिससे चार किसानों समेत 8 लोगों की मौत हो गयी थी। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त आशीष मिश्रा कार में ही सवार था, लेकिन उसका कहना है कि उस समय वह कार में नहीं, बल्कि दंगल में था।

यह भी पढ़ें: World Mental Health Day: कोरोना ने बढ़ा दी है समस्या, पहले से ज्यादा सचेत रहने की जरूरत

Related posts

Jamshedpur: सुसाइड नोट छोड़कर प्रेमी जोड़े ने लगाया मौत को गले, आत्महत्या का कारण बना है अभी भी रहस्य

Pramod Kumar

दीदी की कुर्सी खतरे में, पश्चिम बंगाल में उपचुनाव होगा तभी बचेगी कुर्सी

Pramod Kumar

National Hydrogen Mission:  अब पानी से चलेंगी कारें, देश के बचेंगे खरबों रुपये

Pramod Kumar

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.